मशहूर कवि, गीतकार और स्क्रीनराइटर जावेद अख्तर आज अपने 80वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। हिंदी सिनेमा और साहित्य की दुनिया में अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने एक विशेष पहचान बनाई है। जावेद अख्तर का जन्म ग्वालियर में प्रसिद्ध शायर जांनिसार अख्तर के घर हुआ था। प्रसिद्ध परिवार से होने के बावजूद, जावेद अख्तर को सिनेमा में अपनी पहचान बनाने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ा। वे 1964 में मुंबई आए थे और शुरुआत में उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा, लेकिन 1969 में उन्हें पहला बड़ा ब्रेक मिला, जिसने उनकी किस्मत को बदल दिया। सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी भारत के सबसे प्रसिद्ध लेखक जोड़ी के रूप में जानी जाती है, जिन्होंने एक साथ मिलकर ‘त्रिशूल’, ‘दीवार’, ‘काला पत्थर’, ‘डॉन’, ‘शोले’, ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं।
मशाल (1984): इस फिल्म में अनिल कपूर, वहीदा रहमान, रति अग्निहोत्री और दिलीप कुमार थे। यह यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित एक क्लासिक फिल्म है, जिसे जावेद अख्तर ने लिखा था। दिलीप कुमार का मशहूर डायलॉग “ऐ भाई” आज भी इस फिल्म को याद किया जाता है।
बेताब (1983): यह रोमांटिक ब्लॉकबस्टर फिल्म सनी देओल और अमृता सिंह के डेब्यू के साथ आई थी। 80 के दशक की इस हिट फिल्म का निर्देशन राहुल रवैल ने किया था और जावेद अख्तर ने इसकी कहानी लिखी थी।
मेरी जंग (1985): सुभाष घई द्वारा निर्देशित यह लीगल ड्रामा फिल्म एक हिट साबित हुई थी, जिसमें अनिल कपूर, मीनाक्षी शेषाद्रि, नूतन, अमरीश पुरी और जावेद जाफरी प्रमुख भूमिका में थे। इस फिल्म की शानदार पटकथा जावेद अख्तर की थी और इसके लिए फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले थे।
अर्जुन (1985): ‘बेताब’ की सफलता के बाद, राहुल रवैल और जावेद अख्तर ने ‘अर्जुन’ नामक एक और सुपरहिट फिल्म बनाई। इस एक्शन फिल्म में सनी देओल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की जोरदार कहानी का पूरा श्रेय जावेद अख्तर को जाता है।
मैं आजाद हूं (1989): अमिताभ बच्चन और शबाना आजमी की यह हिट ड्रामा फिल्म 1941 की अमेरिकी फिल्म ‘मीट जॉन डो’ से प्रेरित थी। जावेद अख्तर ने न सिर्फ फिल्म की कहानी, बल्कि इसके प्रभावशाली डायलॉग भी लिखे थे। यह फिल्म बिग बी की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जाती है।

