वक्फ अधिनियम पर आधारित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। संभावना है कि आगामी बजट सत्र के दौरान यह रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी जाएगी। समिति की बैठक 24 और 25 जनवरी को आयोजित की जाएगी, जिसमें विधेयक के क्लॉज-दर-क्लॉज विश्लेषण पर चर्चा होगी। जेपीसी ने अपने सदस्यों से 22 जनवरी की शाम 4 बजे तक संशोधन प्रस्ताव ईमेल या फिजिकल रूप में जमा करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जेपीसी की अगली बैठक मंगलवार, यानी 23 जनवरी, को लखनऊ में आयोजित होगी। इस बैठक में संशोधित विधेयक पर गहन विचार-विमर्श होगा। बैठक का आरंभ सुबह 10 बजे से होगा। समिति की पहली बैठक 22 अगस्त 2024 को हुई थी। वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम 2024 पर मुस्लिम समुदाय और अन्य संबंधित पक्षों की राय लेने के लिए विभिन्न शहरों में बैठकें की जा रही हैं।
इससे पहले, जेपीसी की बैठक शनिवार को पटना में हुई थी, जिसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने की। बैठक में समिति के सदस्यों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। समिति का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में सुधार करना और वक्फ संपत्तियों का सामुदायिक हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
बीजेपी की बिहार इकाई के मीडिया समन्वयक दानिश इकबाल ने भी पटना बैठक में भाग लिया। उन्होंने इस विधेयक को वंचित और पिछड़े मुस्लिम वर्गों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इकबाल ने इस बात पर जोर दिया कि इसके लागू होने से वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
बैठक के दौरान, इकबाल ने वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का समर्थन किया और इसे एक प्रगतिशील व संतुलित कदम बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैर-मुस्लिमों में केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोग भी शामिल होंगे।

