आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत को सही समय पर एक सक्षम नेता मिला है, जो देश को विभिन्न आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में शीर्ष स्थानों पर ले जाने की क्षमता रखते हैं। यह बयान उन्होंने ‘2047 तक स्वर्ण आंध्र’ पर एक आर्थिक कार्यबल के शुभारंभ के मौके पर दिया, जिसमें राज्य के विकास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।
राज्य में विकास की अपार संभावनाएं
सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में विकास के विशाल अवसर मौजूद हैं और राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारतीय समाज की वैश्विक स्वीकार्यता की भी बात की और कहा कि भारतीय समुदाय दुनिया भर में सबसे अधिक स्वीकार्य है, और यह प्रवृत्ति भविष्य में भी बनी रहेगी।
पीएम मोदी का नेतृत्व सही दिशा में
नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, “हमें सही समय पर सही नेता मिले हैं। मोदी जी के पास देश के लिए सुधारों और नीतिगत दिशा को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण है।” उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 2047 तक एक समृद्ध राष्ट्र बनेगा और विभिन्न क्षेत्रों में दुनिया के शीर्ष स्थानों पर पहुंच जाएगा।
पी4 मॉडल की दिशा में कदम बढ़ाने की वकालत
मुख्यमंत्री ने गरीबी, भुखमरी और अन्य सामाजिक मुद्दों से निपटने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल से आगे बढ़कर पी4 मॉडल की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पी4 मॉडल का मतलब है ‘सार्वजनिक, निजी और जन भागीदारी’, जिसे सामाजिक और आर्थिक सुधारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस कार्यक्रम में नायडू ने सीआईआई के साथ मिलकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व केंद्र की स्थापना की भी घोषणा की, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर काम करेगा।
टाटा समूह के प्रमुख ने नायडू की सराहना की
इस कार्यक्रम में टाटा समूह के प्रमुख एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि ‘2047 तक स्वर्ण आंध्र’ पर आर्थिक कार्यबल का सह-अध्यक्ष बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने नायडू के नेतृत्व में एकीकृत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर किए गए आर्थिक दूरदर्शिता के प्रयासों की सराहना की। चंद्रशेखरन ने कहा, “हम 2047 के लिए एक रोडमैप तैयार कर रहे हैं, और इसके लिए आवश्यक योजनाओं को जल्द ही लागू किया जाएगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना में शैक्षिक क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और भविष्य में आंध्र प्रदेश में वैश्विक स्तर के शैक्षिक संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जो राज्य के विकास को और भी तेज गति देंगे।

