केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना बजट पेश किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। यह बजट मिडिल क्लास के लिए राहत देने वाला साबित हुआ है, क्योंकि जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपए तक होगी, उन्हें टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा, खेलों के लिए भी बजट में खास provisions किए गए हैं, और पिछली बार की तुलना में खेल बजट में 350 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है।
सबसे बड़ी वृद्धि ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को मिली है, जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने और उनके विकास के लिए सरकार की प्रमुख योजना है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए इस बजट में खेलों के लिए आवंटित रकम में 351.98 करोड़ रुपये की वृद्धि की घोषणा की गई है, जिसमें खेलो इंडिया कार्यक्रम को 1,000 करोड़ रुपये का बजट मिलेगा, जो पिछले साल के 800 करोड़ रुपये से 200 करोड़ रुपये ज्यादा है।
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय को कुल 3,794.30 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले साल से 351.98 करोड़ रुपये अधिक है। यह वृद्धि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए की गई है कि अगले साल ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियाई खेल जैसे बड़े खेल आयोजन नहीं होंगे। राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता देने के लिए निर्धारित रकम को भी 340 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
भारत ने खेल के क्षेत्र में हाल के वर्षों में बहुत प्रगति की है, और भारतीय खिलाड़ी दुनिया भर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने 6 पदक जीते थे, और कई खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गए थे। इस बार भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए एक महत्वाकांक्षी बोली लगा रहा है और इसके लिए इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार ओलंपिक की मेज़बानी का समर्थन कर चुके हैं।

