दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान सोमवार शाम पांच बजे समाप्त हो जाएगा। चुनावी जंग के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस चुनाव में 25 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी के प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रचार के आखिरी दिन भाजपा ने पूरी राजधानी में 22 रोड शो और जनसभाओं का आयोजन करने की योजना बनाई है।
वहीं, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) अपनी मुफ्त कल्याणकारी योजनाओं के मॉडल पर भरोसा जताते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए आश्वस्त नजर आ रही है। दूसरी ओर, कभी 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में रही कांग्रेस, जो पिछले दो चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई, अब जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोड शो के जरिये प्रचार
इस चुनाव में राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से बने पोस्टरों और डिजिटल अभियानों का भी खूब इस्तेमाल किया। साथ ही, रोड शो और जनसभाओं के जरिये मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया गया।
निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले सभी चुनावी सभाएं और प्रचार अभियान समाप्त हो जाना चाहिए। इस अवधि में टीवी, सिनेमा और प्रिंट मीडिया में प्रचार सामग्री के प्रसारण पर भी रोक होती है।
इस चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिली। आम आदमी पार्टी ने भाजपा को ‘भारतीय झूठ पार्टी’ और ‘गाली गलौज पार्टी’ कहकर घेरा, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आप’ को ‘आप-दा’ और अरविंद केजरीवाल को ‘घोषणा मंत्री’ करार दिया। कांग्रेस ने भी पीछे न रहते हुए केजरीवाल को ‘फर्जी’ और मोदी को ‘छोटा रिचार्ज’ कहकर तंज कसा। डिजिटल प्रचार और एआई से बने मीम्स के कारण इस बार की चुनावी लड़ाई अलग स्तर पर पहुंच गई।
1.56 करोड़ मतदाता करेंगे अपने अधिकार का प्रयोग
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के मुताबिक, 5 फरवरी को 13,766 मतदान केंद्रों पर कुल 1.56 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 83.76 लाख पुरुष, 72.36 लाख महिलाएं और 1,267 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए 733 मतदान केंद्रों की विशेष व्यवस्था की गई है।पहली बार, निर्वाचन आयोग ने ‘क्यू मैनेजमेंट सिस्टम’ (क्यूएमएस) ऐप लॉन्च किया है, जिससे मतदाता ‘दिल्ली इलेक्शन-2025 क्यूएमएस’ एप्लिकेशन के जरिये अपने मतदान केंद्र पर भीड़ की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए घर से मतदान की सुविधा के तहत 7,553 पात्र मतदाताओं में से 6,980 पहले ही अपना वोट डाल चुके हैं। यह सुविधा 24 जनवरी से शुरू होकर 4 फरवरी तक जारी रहेगी।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 220 कंपनियां, 19,000 होमगार्ड और दिल्ली पुलिस के 35,626 जवानों को तैनात किया गया है।मतदाताओं की सुविधा के लिए 21,584 बैलेट यूनिट, 20,692 कंट्रोल यूनिट और 18,943 वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) भी तैयार किए गए हैं।
2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीतकर एकतरफा बढ़त बनाई थी, जबकि भाजपा को केवल 3 सीटें मिली थीं और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। 2020 में भी ‘आप’ ने 62 सीटें जीतकर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी, जबकि भाजपा ने 8 सीटें हासिल कीं और कांग्रेस एक बार फिर शून्य पर रही।अब देखना होगा कि इस बार मतदाता किसे सत्ता की कुर्सी सौंपते हैं।

