आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 19 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसकी मेजबानी पाकिस्तान करेगा। हालांकि, भारतीय टीम अपने सभी मुकाबले हाइब्रिड मॉडल के तहत दुबई में खेलेगी। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है।
दरअसल, आईसीसी एलीट पैनल में शामिल भारतीय अंपायर नितिन मेनन ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान न जाने का फैसला किया है। अंपायरों की आधिकारिक सूची में उनका नाम शामिल था, लेकिन उन्होंने इस टूर्नामेंट में भाग न लेने का निर्णय लिया है।
इस टूर्नामेंट के लिए नितिन मेनन के अलावा कुमार धर्मसेना, क्रिस गैफनी, माइकल गॉफ, एड्रियन होल्डस्टॉक, रिचर्ड इलिंगवर्थ, रिचर्ड केटलब्रॉ, एहसान रजा, पॉल राइफल, शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, रॉडनी टकर, एलेक्स वॉर्फ और जोएल विल्सन को अंपायर के रूप में चुना गया था। लेकिन अब नितिन मेनन के नाम वापस लेने से टूर्नामेंट में एक बदलाव देखने को मिलेगा।
इसके साथ ही, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और आईसीसी के अनुभवी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ भी इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं होंगे। उनकी जगह डेविड बून, एंड्रयू पायक्रॉफ्ट और रंजन मदुगले रेफरी की भूमिका निभाएंगे।
गौरतलब है कि नितिन मेनन एक अनुभवी अंपायर हैं, जिन्होंने 40 टेस्ट, 75 वनडे और 75 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की है। इसके अलावा, वह 13 महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी अंपायरिंग कर चुके हैं। वहीं, जवागल श्रीनाथ भी अपने करियर में 79 टेस्ट और 272 वनडे मुकाबलों में मैच रेफरी की भूमिका निभा चुके हैं। बता दें कि इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट की शुरुआत 19 फरवरी से होगी, जबकि भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 20 फरवरी से करने वाली है।

