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प्रेमानंद महाराज की यात्रा अब कम दूरी की होगी, सुबह केवल इस समय दर्शन होंगे

प्रेमानंद महाराज का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनके अनुयायियों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि उनका गुणगान हर ओर होने लगा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं, केवल उनकी एक झलक पाने के लिए। पहले प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा अत्यंत भव्य और उत्साहपूर्ण ढंग से निकाली जाती थी, लेकिन हाल ही में इसमें बाधा आ गई, जिससे भक्तजन इस आध्यात्मिक यात्रा का आनंद नहीं उठा पा रहे हैं।

प्रेमानंद महाराज प्रतिदिन रात 2:00 बजे अपने निवास से आश्रम तक पैदल यात्रा किया करते थे। इस मार्ग में एनआरआई ग्रीन नामक एक सोसाइटी पड़ती है, जहां रहने वाले लोगों को इस यात्रा से असुविधा होती थी। इन लोगों ने महाराज की यात्रा के खिलाफ तख्तियां लेकर विरोध जताया। इसके बाद, महाराज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक संदेश जारी किया गया कि अत्यधिक भीड़ और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।

भक्तों में निराशा, लेकिन दर्शन जारी

जब भक्तों को पदयात्रा बंद होने की सूचना मिली, तो वे निराश हो गए। हालांकि, अगले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे। सभी को विश्वास था कि महाराज अवश्य भक्तों को दर्शन देंगे, और ऐसा ही हुआ। हालांकि, उनकी दिनचर्या में बड़ा परिवर्तन देखा गया। अब प्रेमानंद महाराज रात्रि 2:00 बजे के बजाय सुबह 4:00 बजे भक्तों को दर्शन दे रहे हैं।

अब वे अपने निवास से गाड़ी में बैठकर निकलते हैं और आश्रम से 100 मीटर पहले उतरकर थोड़ी दूरी तक ही पैदल चलते हैं। पहले जिस मार्ग से उनकी यात्रा निकलती थी, अब वे उस मार्ग से न जाकर प्रेम मंदिर के सामने से गुजरते हैं। बीते तीन दिनों से वे इसी प्रकार भक्तों को दर्शन दे रहे हैं।

विरोध के बाद धन्यवाद

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रेमानंद महाराज द्वारा स्वास्थ्य और भीड़ की वजह से स्थगित की गई पदयात्रा दोबारा शुरू होगी या नहीं। हालांकि, जिन लोगों ने इस यात्रा का विरोध किया था, उन्होंने इसके बंद होने पर संतोष जताया और महाराज का धन्यवाद किया। दरअसल, सोसाइटी के निवासियों को तेज आवाज में बजने वाले संगीत से परेशानी हो रही थी, जिसके कारण उन्होंने इसका विरोध किया था।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या भविष्य में प्रेमानंद महाराज अपनी पदयात्रा को पुनः प्रारंभ करेंगे या यह परिवर्तन स्थायी रहेगा।

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