उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र के आरंभ में ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि सदन को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी सवालों के उचित जवाब दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि वह हर मुद्दे पर सार्थक बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा को चर्चा का मंच बनाना चाहिए, लेकिन विपक्ष अपनी हताशा और निराशा के कारण बहस से बचता रहता है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वह रचनात्मक चर्चा में भाग ले।
सत्र के शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा की सीढ़ियों पर सपा के विधायक बैनर और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते नजर आए। वे महाकुंभ भगदड़ में मारे गए लोगों के सही आंकड़े जारी करने की मांग कर रहे हैं और कानून व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्ष की रणनीति और मुद्दे
समाजवादी पार्टी ने सरकार को घेरने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों को चुना है, जिनमें महाकुंभ भगदड़, मिल्कीपुर उपचुनाव, जातीय जनगणना, संभल हिंसा और कानून व्यवस्था शामिल हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विपक्ष के हर सवाल का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सत्र के पहले दिन ही समाजवादी पार्टी के नेता अस्थि कलश लेकर विधानसभा पहुंचे। पार्टी के विधान पार्षद आशुतोष सिन्हा साइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे और कहा कि वे लोकतंत्र के मंदिर में नैतिकता का अस्थि कलश स्थापित करेंगे।

