दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्शन मोड में आते हुए त्वरित निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं। अब नवगठित दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से आरंभ होगा, जिसमें लंबे समय से लंबित कैग (CAG) रिपोर्ट्स को सदन में पेश किया जाएगा। इन रिपोर्ट्स के सामने आते ही पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा अधिकारियों के अनुसार, यह सत्र 24, 25 और 27 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। सत्र के पहले दो दिनों में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी, जबकि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवकाश के बाद 27 फरवरी को बीजेपी सरकार कैग रिपोर्ट को सदन में पेश करेगी। ये 14 रिपोर्ट्स पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल से संबंधित हैं।
बीजेपी का आरोप – भ्रष्टाचार छिपाने के लिए रोकी गई थी रिपोर्ट
बीजेपी ने पहले भी आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कैग रिपोर्ट को जानबूझकर पेश न करने का आरोप लगाया था। इस संबंध में पार्टी ने कोर्ट का रुख भी किया था, जिससे सरकार को रिपोर्ट सार्वजनिक करने के लिए निर्देशित करने की मांग की गई थी।
केजरीवाल पर बीजेपी का राजनीतिक वार
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी ने 27 साल बाद दिल्ली में अपनी सरकार बनाई है। विधानसभा में बीजेपी के 48 विधायक हैं, जबकि विपक्ष में आम आदमी पार्टी के 22 विधायक मौजूद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को लेकर केजरीवाल और उनकी पूर्व सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। इस कार्रवाई की जद में आम आदमी पार्टी के कई पूर्व मंत्री भी आ सकते हैं।

