अजमेर में हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला तूल पकड़ चुका है। इस घटना के खिलाफ हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध-प्रदर्शन जारी है। ‘ब्लैकमेल कांड पार्ट टू’ के विरोध में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपियों पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर कड़ी कार्रवाई हो। महिलाओं का भी इस आंदोलन में बड़ा समर्थन देखने को मिल रहा है, वे दोषियों को फांसी देने की मांग कर रही हैं।
अब तक पुलिस इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिस कैफे को इस अपराध का अड्डा बनाया गया था, उसके संचालक को कर्नाटक से अरेस्ट किया गया है। प्रशासन ने इस कैफे पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया है। इससे गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया, जिसके चलते पूरे शहर में बंद का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने आरोपियों के अवैध निर्माणों को भी तोड़ दिया है।
पूर्व पार्षद से भी पूछताछ जारी
इस मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, अजमेर में नाबालिग हिंदू लड़कियों को पहले बहलाकर उनसे दोस्ती की जाती थी। इसके बाद उन्हें कैफे में ले जाया जाता था, जहां उनके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया जाता था। कैफे संचालक को पुलिस ने कर्नाटक से गिरफ्तार कर लिया है। अब तक 13 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, और एक पूर्व पार्षद से भी पूछताछ चल रही है।
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब एक नाबालिग लड़की ने बिजयनगर थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद, लगभग 4 से 5 अन्य परिवार भी सामने आए और उन्होंने भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज कराईं। पुलिस ने यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के कई मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

