उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ के पास माणा गांव में शुक्रवार को भीषण हिमस्खलन हुआ। इस हादसे में सीमा सड़क संगठन (BRO) के शिविर को भी नुकसान पहुंचा, जहां मजदूर ठहरे हुए थे। हादसे में लापता चार मजदूरों की तलाश के लिए खोजी कुत्तों, थर्मल इमेजिंग कैमरों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई। रविवार को जारी बचाव अभियान के दौरान चारों मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं।
अब तक 8 मजदूरों की जान गई, एक की तलाश जारी
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, माणा हिमस्खलन स्थल से रविवार को 4 शव बरामद किए गए, जिससे हादसे में मरने वालों की संख्या 8 हो गई है।
इससे पहले, शुक्रवार को 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था, जिनमें से 4 मजदूरों की शनिवार को मौत की पुष्टि हुई थी। रविवार को मिले चार शवों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से ज्योतिर्मठ लाया गया, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है।
मृतकों की पहचान और लापता व्यक्ति की जानकारी
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- अनिल कुमार (21) – निवासी रुद्रपुर, उत्तराखंड
- अशोक (28) – निवासी फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
- हरमेश चंद (30) – निवासी ऊना, हिमाचल प्रदेश
इसके अलावा, एक अन्य मजदूर अरविंद (43), निवासी क्लेमेंट टाउन, देहरादून, अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।
हादसे के वक्त 54 मजदूर बर्फ में फंसे थे
गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा के पास लगभग 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माणा गांव में हुए हिमस्खलन के दौरान BRO के शिविर में 8 कंटेनरों में 54 मजदूर मौजूद थे। शुरुआत में फंसे मजदूरों की संख्या 55 बताई जा रही थी, लेकिन बाद में एक मजदूर के सुरक्षित अपने घर (हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा) पहुंचने की सूचना मिलने के बाद यह संख्या 54 हो गई।इस हादसे के बाद बचाव और राहत कार्य तेजी से चलाए गए, लेकिन अब भी एक मजदूर लापता है, जिसकी तलाश जारी है।

