नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के बाद स्थिति अब काबू में है, लेकिन राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। सोमवार रात को हजारों की संख्या में पत्थरबाजों ने नागपुर के महल इलाके में हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने खासतौर पर हिंदुओं के घरों और वाहनों को निशाना बनाया। इस बीच, हिंसा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है कि यह सब पहले से योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। हिंदू संगठनों के प्रदर्शन के मद्देनजर, ट्रॉलियों में पत्थर भरकर लाए गए थे। मुस्लिम समुदाय के लोग चिटनिस पार्क पर इकट्ठा हुए और पुलिस तथा हिंदुओं के घरों पर हमले की पूरी तैयारी पहले से ही कर ली गई थी।
दंगाइयों ने पत्थर, लाठी-डंडे और पेट्रोल बम लेकर हमले किए और विशेष घरों को निशाना बनाया। घटना के सीसीटीवी फुटेज से साफ पता चलता है कि कैसे नागपुर शहर में आग लगाई गई, तोड़फोड़ की गई और पत्थरबाजी हुई। यह सब कुछ पहले से तय था। कुछ ही देर में हजारों की भीड़ जमा हो गई और हिंदू घरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया।
हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई
नागपुर में सोमवार रात हुई हिंसा के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाई है और कार्रवाई जारी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और विधानसभा में इस घटना पर चर्चा भी की है। आइए जानते हैं कि नागपुर में हिंसा क्यों भड़की, इससे कितना नुकसान हुआ और पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
अब तक 5 एफआईआर दर्ज
नागपुर पुलिस ने हिंसा के मामले में अब तक 5 एफआईआर दर्ज की हैं। जिन घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है, उनका पंचनामा तैयार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 2 एफआईआर गणेश पेठ थाने के अंतर्गत दर्ज की गई हैं, जबकि 3 एफआईआर तहसील पुलिस थाने में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने अब तक 47 लोगों को हिरासत में लिया है। नागपुर के जोन 3, जोन 4 और जोन 5 के अंतर्गत आने वाले सभी पुलिस थानों के क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
नुकसान का आकलन
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, नागपुर में हुई हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने 38 दोपहिया वाहनों, 5 कारों, 2 जेसीबी और 1 क्रेन को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा, एक सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
घायलों की संख्या
इस हिंसा में 5 नागरिक और 33 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल नागरिकों को नागपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 3 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 2 का अभी भी इलाज चल रहा है। इनमें से एक मरीज आईसीयू में है। घायल पुलिसकर्मियों में 1 पुलिस उपायुक्त, 1 सह पुलिस आयुक्त, 14 पुलिस निरीक्षक/उप निरीक्षक और 15 अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

