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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संजय राउत का पत्र, मंत्री जयकुमार रावल को बर्खास्त करने की मांग

मुंबई के न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के मामले में उद्धव ठाकरे गुट के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राज्य के विपणन मंत्री और धुले जिले के संरक्षक मंत्री जयकुमार रावल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जयकुमार रावल को उनके भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए मंत्रिमंडल से हटा दिया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रावल को बीजेपी से जुड़े होने के कारण सुरक्षा मिल रही है।

संजय राउत ने अपने पत्र में कहा है कि जयकुमार रावल ने रावल कोऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। उन्होंने फर्जी पारिवारिक कर्जदार बनाकर बैंक से करोड़ों रुपये का गबन किया है। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की 26 एकड़ जमीन हड़पने का भी प्रयास किया था। राउत ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

राउत ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण महाराष्ट्र में कई सहकारी और नागरिक बैंक बर्बाद हो गए हैं, जिससे आम जमाकर्ताओं को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने जॉर्ज फर्नांडीस द्वारा स्थापित न्यू इंडिया बैंक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी मनमाने और अवैध तरीके से ऋण वितरित किए गए, जिससे हजारों जमाकर्ताओं को नुकसान पहुंचा। इस मामले के आरोपी अब मुंबई पुलिस की हिरासत में हैं।

राउत ने डोंडाई के जनता सहकारी बैंक में हुई धोखाधड़ी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बैंक के राजनीतिक मालिकों ने बिना किसी गारंटी के अपने करीबी रिश्तेदारों को 98 करोड़ रुपये का ऋण दे दिया। इसके अलावा, बैंक के अधिकार क्षेत्र से बाहर गुजरात में भी रिश्तेदारों को करोड़ों रुपये दिए गए। राउत ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ मंत्रिमंडल के सदस्य जयकुमार रावल के नेतृत्व में हुआ है।

राउत ने इस मामले की जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पाई है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया था, और जांच रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री जयकुमार रावल इस बैंक घोटाले में तीसरे नंबर के आरोपी हैं। राउत ने बताया कि रावल और 55 अन्य आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए हैं, और कुछ आरोपियों ने एसआईटी जांच पर सवाल भी उठाए हैं।

राउत ने कहा कि जयकुमार रावल का आचरण एक जनप्रतिनिधि के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसे व्यक्ति को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, तो महाराष्ट्र के लोगों को किस आदर्श का अनुसरण करना चाहिए? राउत ने कहा कि रावल के भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की 26 एकड़ जमीन हड़पने के प्रयास का भी जिक्र किया, जिसे हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खारिज कर दिया था। राउत ने पूछा कि आखिर ऐसे व्यक्ति को मंत्रिमंडल में क्यों शामिल किया गया है?

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