लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को लेकर एक सख्त कदम उठाते हुए इन्वेस्ट यूपी के सीईओ को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक उद्यमी की शिकायत के बाद की गई, जिसने सोलर इंडस्ट्री लगाने के लिए इन्वेस्ट यूपी के तहत आवेदन किया था। इस प्रक्रिया के दौरान एक बिचौलिए ने उद्यमी से कमीशन की मांग की, जिसके बाद उद्यमी ने इसकी शिकायत की।
शिकायत के बाद, कमीशन मांगने वाले व्यक्ति निकांत जैन को गिरफ्तार कर लिया गया और इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसी कड़ी में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ को भी निलंबित कर दिया गया। इन्वेस्ट यूपी के सीईओ एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश हैं।
इन्वेस्ट यूपी क्या है?
इन्वेस्ट यूपी उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। यह एक सिंगल विंडो सिस्टम है, जो निवेशकों को राज्य में व्यवसाय शुरू करने और संचालित करने में सहायता प्रदान करती है।
इन्वेस्ट यूपी के मुख्य उद्देश्य:
- राज्य में निवेश को बढ़ावा देना।
- उद्योगों को प्रोत्साहित करना।
- रोजगार के अवसर पैदा करना।
- राज्य के आर्थिक विकास को गति देना।
इन्वेस्ट यूपी के तहत मिलने वाले लाभ:
- उद्यमियों को टैक्स में छूट।
- बिजली की दरों में रियायत।
- उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता।
- उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास।
इस घटना के बाद यूपी सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

