आजकल आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हर कुछ दिनों में ऐसी खबरें सामने आती हैं, जहां किसी व्यक्ति पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया हो। सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई वीडियो देखने को मिल जाते हैं, जिनमें कुत्ते लोगों पर आक्रमण करते नजर आते हैं। हाल ही में नागपुर से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां कुत्तों के हमले की वजह से एक मासूम बच्ची की जान चली गई। आइए जानते हैं कि यह हादसा कहां और कैसे हुआ।
नागपुर में 4 साल की बच्ची पर कुत्तों का हमला
यह घटना नागपुर के हिंगना तालुका के गुमगांव की है। यहां रहने वाले रामसिंह और लक्ष्मी दंपति की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। यह परिवार पिछले कुछ वर्षों से लक्ष्मी की मां, रेखा रामटेके, के साथ गुमगांव में रह रहा था। लक्ष्मी और उनकी मां रेखा हर रोज घर के कपड़े धोने के लिए पास की नदी पर जाती थीं। इसी दौरान लक्ष्मी की 4 साल की बेटी, हर्षिता, भी उनके साथ चली जाती थी।
गुरुवार को भी लक्ष्मी और रेखा नदी पर गईं, और हर्षिता उनके पीछे-पीछे वहां पहुंच गई। जब वह पुल के नीचे खेल रही थी, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के काटने और नोचने से मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आसपास के लोग जब उसकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने हर्षिता को खून से लथपथ मृत अवस्था में पाया।
कुछ दिन पहले भी हुआ था ऐसा हमला
इससे पहले भी 8 मार्च को राजस्थान के अलवर जिले के जेके नगर में कुत्तों के हमले की एक घटना सामने आई थी। शाम करीब 6 बजे, एक लड़की पैदल चलते हुए फोन पर बात कर रही थी, तभी अचानक 8-10 कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। लगभग 15-20 सेकंड तक कुत्तों ने उसे घेर रखा था। उसकी चीख सुनकर परिवार और पड़ोसी तुरंत मदद के लिए दौड़े और किसी तरह उसे बचाया। इस हमले में लड़की को कुल 8 जगह पर गहरे घाव आए थे।
ऐसी घटनाओं से आम लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। प्रशासन को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं न हों।

