उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे गर्मी अपना कहर बरपा रही है, वैसे-वैसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को राहत देने की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य के किसी भी गांव में पेयजल संकट न पैदा हो। ग्रामीण परिवारों को गर्मी के दौरान भी शुद्ध और नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार ने सभी मंडलायुक्तों को आदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में बैठकें कर पेयजल प्रबंध की निगरानी करें और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान सुनिश्चित करें। वहीं, सभी जिलाधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि पानी की कमी को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
‘हर घर जल’ और ‘नमामि गंगे’ योजनाओं से मिलेगा लाभ
सरकार की ‘हर घर जल’ और ‘नमामि गंगे’ जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत गांव-गांव पाइपलाइन से शुद्ध पानी पहुंचाने का कार्य चल रहा है। जिन इलाकों में यह कार्य पूरा हो चुका है, वहां के लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। जहां कार्य अभी अधूरा है, वहां वैकल्पिक साधनों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
गर्मी से राहत देने के लिए व्यापक प्रयास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर नागरिक तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। गांवों में भी शहरों जैसी नियमित जलापूर्ति हो, इसके लिए सख्त निगरानी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि भीषण गर्मी में भी किसी परिवार को पानी के लिए परेशान न होना पड़े और सभी का जीवन सामान्य बना रहे।
सरकारी कार्यालयों में भी होगी समुचित व्यवस्था
सरकार ने तहसीलों, थानों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक शौचालयों में भी पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, इन स्थानों पर घड़े और प्याऊ लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को गर्मी में राहत मिल सके।
जल संरक्षण और जागरूकता पर भी जोर
गांवों में जल संरक्षण, लू से बचाव और स्वच्छ पानी के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष ‘सूचना, शिक्षा और संप्रेषण’ (IEC) अभियान चलाया जाएगा। सरकार चाहती है कि लोग पानी की महत्ता को समझें और उसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें।
उत्तर भारत में अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी के कारण जलस्रोतों का स्तर गिरने लगता है। कुएं, तालाब और हैंडपंप सूखने लगते हैं, जिससे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट गहरा जाता है। इस चुनौती को भांपते हुए योगी सरकार ने पहले से ही व्यापक योजना बनाकर अमल में लाना शुरू कर दिया है, ताकि किसी भी परिवार को पानी के लिए भटकना न पड़े।

