जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संबंध में नया खुलासा हुआ है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले चार आतंकियों के साथ 10 से ज्यादा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) जुड़े हुए थे। इन ओजीडब्ल्यू द्वारा आतंकियों से एनक्रिप्टेड ऐप के माध्यम से लगातार संवाद किया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने चीनी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए उच्च स्तर के संचार साधनों का सहारा लिया था। उनके संपर्क के लिए चीनी सेटेलाइट फोन और ऐप्स का इस्तेमाल किया गया था।
पहलगाम हमले में आतंकियों ने खासतौर पर पर्यटकों को अपना निशाना बनाया और 26 लोगों की जान ले ली। इस हमले में सिर्फ पुरुषों को ही निशाना बनाया गया, जबकि महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया गया। आतंकियों ने पीड़ितों से पहले उनका धर्म पूछा, फिर उन्हें कलमा पढ़वाया और कई लोगों की पैंट उतरवाकर उनकी जांच की। आतंकियों का मकसद समाज में डर और नफरत फैलाना था।
हमलावरों को पाकिस्तान ने पनाह दी थी। इन आतंकियों में से दो पाकिस्तान से थे और बाकियों ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी। भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने 1947 से ही जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है।
भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कदम उठाए हैं, उनमें:
- सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दिया गया, जिससे पाकिस्तान के लिए जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- अटारी बॉर्डर को सामान्य आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया।
- पाकिस्तान के सभी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए और उन्हें 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया।
- नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा सलाहकारों को एक सप्ताह में देश छोड़ने का निर्देश दिया गया।
- दोनों देशों के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 कर दिया गया।

