समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मिशन 2027 की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर वे भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। चौथे दिन भी अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश की वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में सीधा मुकाबला ‘योगी बनाम प्रतियोगी’ के रूप में देखने को मिलेगा। पढ़े-लिखे युवा, रोजगार के इच्छुक लोग और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की उम्मीद रखने वाले लोग मौजूदा सरकार से असंतुष्ट हैं और बदलाव चाहते हैं।
एयर स्ट्राइक को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों को राजनीतिक लाभ का साधन नहीं बनाना चाहिए। आतंकवाद का खात्मा और सीमाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। देश की सेना बहादुर है और उसका मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने निजीकरण पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि शिक्षा और नौकरियों का निजीकरण पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों को हाशिये पर ले जा रहा है। निजीकरण के कारण पढ़ाई महंगी होती जा रही है, जिससे हमारे बच्चे पीछे छूट रहे हैं। यह एक सुनियोजित साजिश है जो पीडीए समाज को विकास की धारा से काट रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सपा पीडीए की ताकत को और संगठित करेगी।
योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जो काला चश्मा पहनकर रोशनी से दूर हैं, वो प्रदेश को उजाला नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि यह सरकार अनुपयोगी और अयोग्य है, और विकास के नाम पर विनाश का रास्ता अपना रही है।

