भारतीय क्रिकेट टीम अगले महीने इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तरह तैयार है। पिछली बार भारत ने टेस्ट सीरीज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी, लेकिन उसके बाद से टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। खासतौर पर तीन प्रमुख खिलाड़ियों ने एक के बाद एक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। अब जब भारतीय टीम फिर से टेस्ट मैच खेलने उतरेगी, तो वह एक बदली हुई टीम के रूप में नजर आएगी।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान ही ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया था और बीच सीरीज से ही स्वदेश लौट आए थे। हालांकि उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दिनों के भीतर रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। ये दोनों दिग्गज केवल पांच दिन के अंतर पर संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। अब टीम इंडिया को नए सिरे से तैयार करने की चुनौती सामने है — एक ओर सलामी बल्लेबाज की खोज चल रही थी, वहीं अब चौथे नंबर के बल्लेबाज की जगह भी भरनी होगी।
जहां तक ओपनर की बात है, तो केएल राहुल एक मजबूत विकल्प के रूप में देखे जा रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर पारी की शुरुआत की है और अच्छा प्रदर्शन भी किया है, हालांकि रोहित शर्मा के रहते उन्हें ऊपर खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। अब उनके पास फिर से ओपनर की भूमिका निभाने का मौका हो सकता है। उनके अलावा आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले साई सुदर्शन का नाम भी चर्चा में है।
साई सुदर्शन और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी बन सकती है नई ताकत
साई सुदर्शन ने हाल ही में हुए आईपीएल में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को कई मैच जिताए हैं। अगर उन्हें टीम में ओपनिंग का मौका मिलता है, तो केएल राहुल को निचले क्रम में खेलने की छूट मिलेगी, जो उनके लिए भी फायदेमंद हो सकता है। साई सुदर्शन और यशस्वी जायसवाल की जोड़ी युवा जोड़ी होगी, जो अगर जमती है, तो लंबे समय तक भारत को एक स्थिर शुरुआत दे सकती है। अब देखना ये होगा कि चयनकर्ता किस पर भरोसा जताते हैं।
विराट कोहली की जगह कौन लेगा?
विराट कोहली के टेस्ट से रिटायर होने के बाद चौथे नंबर की जगह खाली हो गई है। इस स्थान के लिए दो प्रमुख खिलाड़ी रेस में हैं — श्रेयस अय्यर और सरफराज खान। अय्यर लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर हैं, लेकिन अब उन्हें वापसी का मौका मिल सकता है। वहीं सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। दोनों में से किसे मौका मिलेगा, यह चयनकर्ताओं के लिए एक मुश्किल फैसला होगा।
नई कप्तानी को लेकर भी सवाल खड़े हैं। जो भी नया कप्तान बनेगा, उसके सामने टीम को फिर से खड़ा करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में यह इंग्लैंड दौरा भारतीय टेस्ट क्रिकेट के एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकता है।

