पाकिस्तान द्वारा बुधवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूर्णम कुमार शाहू को रिहा किए जाने के बाद, उनके परिवार ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और बीएसएफ अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट किया है। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिशरा निवासी शाहू को सुबह 10:30 बजे अटारी-वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ को सौंपा।
शाहू को 23 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के एक दिन बाद, फिरोजपुर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लिया था। बीएसएफ के अनुसार, वे ड्यूटी के दौरान “अनजाने में” सीमा पार कर गए थे।
परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हम प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार और बीएसएफ के प्रति बेहद आभारी हैं। यह दो हफ्ते हमारे लिए बहुत तनावपूर्ण और चिंता से भरे रहे। हम हर पल उनकी सुरक्षा की दुआ कर रहे थे। अब जब वे लौट आए हैं, तो हम उनसे मिलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। हमारी प्रार्थनाएं रंग लाई हैं।”
बीएसएफ के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि जवान का शांतिपूर्वक और प्रोटोकॉल के तहत भारत को सौंपा गया। आगे बताया गया कि जवान की संपूर्ण चिकित्सकीय जांच, काउंसलिंग और ‘डीब्रीफिंग’ की जाएगी, जिसमें उनसे 21 दिन की पाकिस्तानी हिरासत से जुड़ी जानकारियां ली जाएंगी।
बीएसएफ की 24वीं बटालियन के शाहू को फिलहाल सक्रिय ड्यूटी पर नहीं तैनात किया जाएगा। उन्हें पंजाब फ्रंटियर द्वारा शुरू की गई जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि घटना की पूरी तह तक जांच हो सके और किसी भी संभावित चूक का पता चल सके।
इस मौके पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने जवान की वापसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सरकार की तत्परता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

