मुंबई पुलिस में अब एक नया छठा जॉइंट कमिश्नर नियुक्त किया जाएगा, जो खासतौर पर खुफिया जानकारी जुटाने और स्लीपर सेल्स की निगरानी का जिम्मा संभालेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के मद्देनज़र महाराष्ट्र सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
अब तक मुंबई पुलिस में पाँच जॉइंट कमिश्नर कार्यरत थे, जो कानून-व्यवस्था, अपराध, प्रशासन, यातायात और आर्थिक अपराध जैसे विभागों का प्रभार संभालते हैं। लेकिन अब स्पेशल ब्रांच की जिम्मेदारी एक अलग जॉइंट कमिश्नर को दी जाएगी, जो इंस्पेक्टर जनरल रैंक का अधिकारी होगा और सीधे पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट करेगा।
स्पेशल ब्रांच को मिलेगा नया नेतृत्व
इससे पहले स्पेशल ब्रांच का नेतृत्व एक एडिशनल कमिश्नर (डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल स्तर) करते थे, जो जॉइंट कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) को रिपोर्ट करते थे। लेकिन अब खुफिया तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है। नया जॉइंट कमिश्नर न सिर्फ पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट करेगा, बल्कि कानून-व्यवस्था के जॉइंट कमिश्नर के साथ मिलकर भी काम करेगा।
खुफिया नेटवर्क होगा और मजबूत
अधिकारी के मुताबिक, स्पेशल ब्रांच की ज़िम्मेदारी है कि वह शहर में घट रही हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखे, खुफिया जानकारियां एकत्र करे और स्लीपर सेल्स या आतंकी समर्थकों की हर हरकत पर सतर्क नजर बनाए रखे। नए ढांचे से सूचनाएं ज्यादा प्रभावी ढंग से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकेंगी, जिससे समय रहते कार्रवाई करना संभव होगा।
फिलहाल एडिशनल कमिश्नर का पद खाली
फिलहाल स्पेशल ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर का पद खाली पड़ा है, और फिलहाल यह जिम्मेदारी एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) के पास है। माना जा रहा है कि इस नए जॉइंट कमिश्नर की नियुक्ति से मुंबई पुलिस की खुफिया व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी और संभावित खतरों से निपटना आसान होगा।

