ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद उनके पाकिस्तान को लेकर रुझान की एक और परत सामने आई है। हाल ही में उनकी एक पुरानी डायरी सामने आई है, जो उन्होंने 2012 में पाकिस्तान यात्रा से लौटने के बाद लिखी थी। इस डायरी में उन्होंने अपने दिल की बातें और पाकिस्तान में बिताए पलों के अनुभवों को साझा किया है।
डायरी के एक पन्ने पर ज्योति ने लिखा-“पाकिस्तान में 10 दिन गुजारने के बाद आज अपने वतन भारत लौट आई हूं। इस दौरान वहां की आम जनता से बेहद स्नेह और अपनापन मिला। हमारे यूट्यूब सब्सक्राइबर और दोस्त हमसे मिलने आए। लाहौर में केवल दो दिन घूमने का मौका मिला, जो बहुत कम लगा।”
उन्होंने आगे लिखा-“सरहदें कब तक रहेंगी, ये नहीं पता, लेकिन दिलों के बीच जो दूरियां हैं, वो खत्म होनी चाहिए। आखिरकार हम सब एक ही धरती और मिट्टी से हैं। अगर मेरी यात्रा से जुड़ी कोई बात मैंने वीडियो में साझा नहीं की हो तो आप कमेंट में पूछ सकते हैं। अब इजाजत दीजिए — पाकिस्तान की सीमा यहीं समाप्त होती है।”
पाकिस्तान की संस्कृति और अनुभवों की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा:
“पाकिस्तान के बारे में जितना भी कहा जाए, वो कम है। बहुत ही रंग-बिरंगा और जोशीला देश है। मेरी गुज़ारिश है कि पाकिस्तान सरकार भारतीयों के लिए और अधिक गुरुद्वारे व मंदिरों के रास्ते खोले ताकि 1947 में बिछड़ी फैमिली के लोग एक-दूसरे से मिल सकें। साथ ही वहां के मंदिरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।”
गौरतलब है कि ज्योति मल्होत्रा को हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, उनके पिता हरीश मल्होत्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि ज्योति उनकी इकलौती संतान है और उसकी मां ने उसे सिर्फ डेढ़ साल की उम्र में छोड़ दिया था। पिता ने यह भी कहा कि ज्योति जब कहीं जाती थी तो वह सिर्फ इतना बताती कि कितने दिनों के लिए जा रही है और कब लौटेगी — कहां जा रही है, ये कभी नहीं बताती थी।

