भोपाल, मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे लेकर हिंदू संगठनों ने इसे देश का पहला ऐसा लव जिहाद का मामला बताया है, जिसमें एक मुस्लिम युवती ने खुद को हिंदू नाम से पेश कर एक हिंदू युवक को प्रेमजाल में फंसाया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगी। मामला राजधानी के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र का है, जहां शेखर सिलावट नामक युवक ने पुलिस को दिए आवेदन में गंभीर आरोप लगाए हैं।
शेखर का कहना है कि एक युवती ने इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से उससे संपर्क किया और खुद को ‘श्रेया’ नाम से परिचित कराया। चार साल तक वह ‘श्रेया’ बनकर उसके साथ प्रेम संबंध में रही और फिर दबाव बनाकर शादी कर ली। शादी के बाद युवती ने अपना असली नाम नीलोफर बताया और शेखर पर मुस्लिम धर्म अपनाने तथा अपने तीन बच्चों को उसका नाम देने का दबाव बनाने लगी। शेखर ने यह भी आरोप लगाया कि नीलोफर के पास दो आधार कार्ड हैं और उसने एक बार उसका अपहरण भी करवाया था।
इस मामले के उजागर होने पर हिंदू संगठनों ने थाने में प्रदर्शन किया और इसे लव जिहाद का मामला मानते हुए FIR दर्ज करने की मांग की। वहीं, जब नीलोफर से इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उसने अपने पक्ष में एक बयान दिया।
नीलोफर का कहना है कि वह और शेखर एक ही बिल्डिंग में रहते थे और वहीं से दोनों के बीच दोस्ती हुई थी। नीलोफर ने दावा किया कि शेखर को पहले से पता था कि वह मुस्लिम है, शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं, इसके बावजूद उसने कई बार उसके साथ संबंध बनाए।
नीलोफर ने आगे कहा कि अगस्त 2023 में जब वह गर्भवती हुई तो उसने शेखर से शादी की बात की, लेकिन शेखर ने धर्म के अंतर का हवाला देते हुए इनकार कर दिया और उसे गर्भपात की दवा दे दी। अप्रैल 2025 में भी जब वह फिर से गर्भवती हुई, तो शेखर ने एक बार फिर कोई दवा देकर उसका गर्भ गिरवा दिया।
नीलोफर के अनुसार, शेखर ने 6 मई 2025 को आर्य समाज मंदिर में उससे शादी की और दो दिन बाद मनीषा नाम की दूसरी लड़की से सगाई कर ली। जब नीलोफर ने इसका विरोध किया, तो शेखर ने उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया। नीलोफर ने भी अशोका गार्डन थाने में इसकी शिकायत की है।

