ओडिशा के ढेंकानाल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगल की रक्षा में तैनात एक फॉरेस्ट गार्ड की गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना हिंदोल क्षेत्र के घने जंगलों में घटी, जब वन विभाग की एक टीम नियमित गश्त पर थी।
जानकारी के अनुसार, 37 वर्षीय फॉरेस्ट गार्ड प्रह्लाद प्रधान अपने 13 साथियों के साथ जंगल में गश्त कर रहे थे। तभी रात करीब 3 बजे शिकारियों के एक गिरोह ने अचानक हमला कर दिया और गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में प्रह्लाद के पेट में गोली लग गई। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल हिंदोल सीएचसी ले जाया गया, जहां से अंगुल जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हमले के बाद वन विभाग की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए चार शिकारियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। हालांकि अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश अभी जारी है।
ढेंकानाल के डीएफओ सुमित कुमार कर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “हमारी टीम जंगल में रूटीन पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान अचानक शिकारियों ने हमला कर दिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हमारे एक अधिकारी की जान चली गई। हमने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”
सुरक्षा में लगे जवानों पर खतरा
यह घटना सिर्फ एक दर्दनाक हादसा नहीं है, बल्कि यह उस खतरे को उजागर करती है जिससे वन विभाग के कर्मचारी रोजाना जूझते हैं। जंगलों की सुरक्षा में लगे ये जवान जान की परवाह किए बिना अपने कर्तव्य का पालन करते हैं।
फिलहाल वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि फरार अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि वन्यजीव संरक्षण में जुटे कर्मियों की सुरक्षा को लेकर क्या पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं?

