आजमगढ़ – उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर अपने तीखे बयानों के लिए चर्चित सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। आजमगढ़ में आयोजित पार्टी की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि “जो अपने पिता का नहीं हुआ, वह दूसरों का क्या होगा?” — इस बयान से उन्होंने अखिलेश पर सीधा निशाना साधा।
राजभर ने सिर्फ सपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर भी आरोप लगाया कि ये पार्टियां मुस्लिम वोटों के लिए समाज में नफरत फैला रही हैं। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी आगामी पंचायत चुनावों में अकेले मैदान में उतरेगी।
यह बयान अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की एक समीक्षा बैठक के दौरान आया, जो हरिऔध कला भवन में आयोजित की गई थी। बैठक में ओमप्रकाश राजभर ने सपा को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की पूरी राजनीति बीजेपी को बदनाम करने पर टिकी हुई है। सपा की ओर से उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पर किए गए ‘डीएनए’ वाले हमले का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप सामान्य हैं, लेकिन यह स्तरहीन नहीं होने चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने सपा सरकार पर जातिवादी नियुक्तियों का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के शासनकाल में 86 एसडीएम में से 56 यादव जाति से थे, जो यह दर्शाता है कि उस समय किस तरह का पक्षपात हुआ करता था। राजभर का यह बयान राज्य की राजनीति में एक नया विवाद जरूर खड़ा कर सकता है, खासकर जब पंचायत चुनावों की तैयारी जोरों पर है।

