NEW DELHI- देशभर में इस समय मौसम कई रंग दिखा रहा है। दक्षिण और पश्चिम भारत में जहां लगातार मूसलाधार बारिश जारी है, वहीं बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। इसके चलते पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून के जल्द सक्रिय होने की उम्मीद की जा रही है। केरल, महाराष्ट्र और गोवा जैसे इलाकों में मानसून तय समय से पहले पहुंच चुका है, जिससे वहां लगातार बारिश हो रही है।
दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में 30 मई को तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है। इससे पहले 29 मई की शाम को भी दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश दर्ज की गई थी। इस मई महीने में अब तक तीन बार प्री-मानसून तूफान आ चुके हैं, और मौजूदा स्थिति संभवतः अंतिम हो सकती है, क्योंकि 31 मई और 1 जून को मौसम कुछ शांत रहने की संभावना है।
राजस्थान के हालात इसके उलट हैं। वहां अब भी गर्मी चरम पर है। श्रीगंगानगर में तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लू का प्रकोप जारी है।
वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन कोलकाता से लगभग 260 किमी दक्षिण में स्थित है और इसके और अधिक मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है। इसके असर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।
पूर्वोत्तर भारत पहले ही मानसून की चपेट में आ चुका है। अगले 48 घंटों में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। इसके बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे घट सकती है।
इस समय मानसून छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इसके और आगे बढ़ने की संभावना है, जिससे देश के और हिस्सों में भी अच्छी बारिश की उम्मीद बढ़ गई है।

