लखनऊ – नफरत भरे भाषण मामले में दोषी करार दिए गए अब्बास अंसारी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई। इसके बाद विधानसभा ने उनकी सदस्यता खत्म कर दी और मऊ सदर सीट को औपचारिक रूप से रिक्त घोषित कर दिया गया।
अब घोसी सीट पर उपचुनाव की संभावना बन चुकी है और इसी को लेकर यूपी में नए राजनीतिक समीकरण उभरने लगे हैं।”
रिक्त हुई सीट पर ओम प्रकाश राजभर ने दावा ठोक दिया है और उन्होंने कहा की अब्बास अंसारी हमारे हैं यह सीट उनकी पार्टी की है और अब्बास अंसारी के साथ पार्टी पूरी तरह खड़ी है हमारी पार्टी ही घोसी से चुनाव लड़ेगी
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। पार्टी लगातार कह रही है कि घोसी सीट पर उम्मीदवार का फैसला ‘दिल्ली’ यानी केंद्रीय नेतृत्व से होगा। घोसी सीट पर अब केवल सुभासपा ही नहीं, बल्कि NDA में शामिल निषाद पार्टी और अपना दल की भी नजर है। दोनों दलों ने हाल ही में स्थानीय चुनाव अलग लड़ने की घोषणा की थी, जिससे संकेत मिलते हैं कि वे भी इस सीट पर दावा कर सकते हैं।”
साल 2022 में अब्बास अंसारी ने सुभासपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। तब सुभासपा समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में थी। अब्बास ने बीजेपी उम्मीदवार अशोक सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी।
तीन मार्च 2022 को मऊ में एक जनसभा में अब्बास अंसारी ने कथित तौर पर प्रशासन को ‘चुनाव के बाद सबक सिखाने’ की धमकी दी थी। इसी हेट स्पीच मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया।

