मध्य पूर्व में युद्ध की आग और भड़क उठी है। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर बीरशेबा में स्थित सोरोका मेडिकल सेंटर को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस हमले में कई लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि अस्पताल की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे ‘ईरान की बड़ी भूल’ करार देते हुए कहा है कि “अब उन्हें इसकी पूरी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
बीरशेबा का सोरोका हॉस्पिटल इजरायल का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां 1,000 से अधिक बेड हैं और यह लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। हमले के समय अस्पताल में सैकड़ों मरीज और डॉक्टर मौजूद थे। मिसाइल हमले के बाद मची अफरा-तफरी में घायल मरीजों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल नई भर्ती पर रोक लगा दी है।
इजरायली मीडिया और सेना (IDF) द्वारा जारी फुटेज में अस्पताल की टूटी हुई खिड़कियां, दीवारों में दरारें और उठता काला धुआं साफ नजर आ रहा है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब बीते सात दिनों से ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष चरम पर है।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के तानाशाहों ने सीधे तौर पर हमारे नागरिकों और चिकित्सा सेवाओं को निशाना बनाया है। यह युद्ध अपराध है और हम इसे अनुत्तरित नहीं छोड़ेंगे। तेहरान को इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी।”
ईरान ने केवल बीरशेबा ही नहीं, बल्कि रमत गान, होलोन और तेल अवीव को भी निशाने पर लिया है। तेल अवीव के विभिन्न इलाकों में 7 मिसाइलें गिरने की सूचना है, जिससे स्थानीय नागरिकों में दहशत फैल गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हमला, तनाव को और अधिक भड़काएगा। इस हमले के बाद से पूरे इजरायल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों से सुरक्षित स्थानों में रहने की अपील की गई है।
“जब युद्ध अस्पतालों तक पहुंच जाए, तो समझ लीजिए कि इंसानियत की आखिरी उम्मीदें भी घायल हो चुकी हैं।”
यह हमला सिर्फ एक सैन्य प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि इंसानियत पर सीधा प्रहार है। आने वाले दिनों में इस टकराव के और अधिक उग्र होने की आशंका जताई जा रही है।

