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Axiom-4 मिशन: भारत के शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा आज, NASA और SpaceX ने दी लॉन्चिंग को हरी झंडी

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित NASA के कैनेडी स्पेस सेंटर से Axiom-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेंगे। यह मिशन भारतीय समयानुसार 25 जून दोपहर 12 बजे के करीब लॉन्च किया जाएगा। NASA और SpaceX ने इस मिशन की पुष्टि करते हुए बताया है कि लॉन्चिंग की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और मौसम की स्थिति भी लगभग 90% अनुकूल है। Axiom-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष यान को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंचने में लगभग 28 घंटे लगेंगे और यह गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे ISS से डॉक करेगा। शुभांशु शुक्ला इस मिशन में पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, मिशन विशेषज्ञ स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्निएव्स्की (पोलैंड) और टिबोर कापू (हंगरी) भी ISS की ओर रवाना होंगे। Axiom-4 मिशन के साथ शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष की यात्रा की थी। इस मिशन को SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया जा रहा है। भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए यह मिशन बेहद खास है क्योंकि यह इन तीनों देशों की लगभग चार दशकों बाद मानव अंतरिक्ष यात्रा में वापसी का प्रतीक है। मिशन के दौरान 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें 31 देशों के वैज्ञानिक और शोध संस्थान भाग लेंगे।
Axiom-4 मिशन में भारत और अमेरिका की संयुक्त भागीदारी देखने को मिलेगी। दोनों देशों के सहयोग से कुल 12 प्रयोग किए जाएंगे – जिनमें 7 भारत और 5 अमेरिका की वैज्ञानिक परियोजनाएं शामिल हैं। ये प्रयोग मुख्यतः मानव स्वास्थ्य, जैव विज्ञान, अंतरिक्ष जीवन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों पर केंद्रित होंगे। इस ऐतिहासिक मिशन के जरिए भारत वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में एक नई ऊंचाई छूने जा रहा है। शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा न सिर्फ भारतीयों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी बनेगी।

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