अयोध्या हनुमानगढ़ी के संत राजू दास ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता एसटी हसन के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रियों की तुलना आतंकवादियों से की थी। संत राजू दास ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि सपा बार-बार सनातन धर्म का अपमान करती है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “एसटी हसन का कांवड़ यात्रियों पर दिया गया बयान निंदनीय है।
कांवड़ियों की तुलना आतंकवादी संगठन से करना बेहद शर्मनाक है। ऐसा लगता है कि सपा ने सनातन धर्म को अपमानित करने का ठेका ले रखा है।”उन्होंने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा के मार्ग पर मांस और शराब की दुकानें बंद होनी चाहिए। सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन होना चाहिए, जिसमें दुकानदारों को अपनी दुकानों पर नाम प्रदर्शित करना अनिवार्य है। ‘हिंदू सेवा सुरक्षा संघ’ इस नियम का सख्ती से अनुपालन चाहता है।संत राजू दास ने कहा, “हाल के समय में खाद्य पदार्थों में थूकने और मूत्र मिलाने जैसी घृणित घटनाएं सामने आई हैं।
कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु शांतिपूर्वक शामिल होते हैं। सरकार ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, वे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हैं। विपक्ष का इस मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है।”विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने सवाल उठाया, क्या विपक्ष चाहता है कि कांवड़ यात्रियों को मांस या शराब परोसी जाए? क्या यही उनकी मंशा है?” इससे पहले, सपा नेता एसटी हसन ने मुजफ्फरनगर में एक दुकानदार की पैंट उतारकर उसकी पहचान जांचने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांवड़ियों की तुलना आतंकियों से की थी। उन्होंने कहा था, “क्या आम लोग किसी दुकानदार की पैंट उतारकर उसकी जांच कर सकते हैं? क्या पहलगाम में आतंकियों ने ऐसा नहीं किया था? ऐसे लोगों और आतंकियों में क्या अंतर रह जाता है?”

