बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का एक बयान सुर्खियों में है। एनडीटीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर बड़ा दावा किया है। आइए, सुनते हैं उनकी बात।
कोई यह नहीं कह सकता कि जन सुराज से किसको फायदा होगा या नुकसान। इस चुनाव में जन सुराज या तो अर्श पर होगी या फिर फर्श पर। बिल्कुल रिकॉर्ड पर लिख लीजिए, मैं यह स्वीकार करने को तैयार हूं कि मेरे सारे प्रयासों और करोड़ों लोगों की आशा के बावजूद यह संभव है कि जन सुराज को 10 सीट भी न मिलें। लेकिन अगर लोगों को हमारी बात समझ में आ गई, तो जन सुराज को इतनी सीटें मिलेंगी कि आप गिन नहीं पाएंगे।”
प्रशांत किशोर ने साफ किया कि उनकी पार्टी का मकसद केवल विधायक या मंत्री बनना नहीं है। उनका लक्ष्य बिहार के लोगों की आवाज़ बनना और राज्य को विकास के पथ पर ले जाना है। उन्होंने कहा कि वह बिहार की मिट्टी का कर्ज उतारने आए हैं। हम लोग यहां एमएलए या मंत्री बनने नहीं आए हैं। हम लोग यहां राजनीति करने आए हैं, समाज की आवाज़ बनने आए हैं। बिहार की मिट्टी का कर्ज अदा करने आए हैं। हम सब बिहार में पैदा हुए हैं और इस बात का बहुत दर्द है कि हमारी सारी काबिलियत और हुनर के बावजूद बिहार के लोग देश में सबसे पीछे हैं। हम 10 सीट के लिए भी तैयार हैं, उससे कम के लिए भी तैयार हैं और 0 के लिए भी तैयार हैं।

