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बृजभूषण सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच क्या हुई बातचीत? पूर्व सांसद ने किया खुलासा

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल! पूर्व सांसद और बीजेपी के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह ने 21 जुलाई को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। 31 महीनों बाद हुई इस मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा है। लेकिन बृजभूषण कहते हैं – इसमें सियासत नहीं, सिर्फ दिल की बात थी!

गोंडा में पत्रकारों से बात करते हुए बृजभूषण ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “योगी जी से मेरा 56 साल पुराना रिश्ता है। गोरखनाथ मंदिर में हम साथ खेले हैं, हंसी-मजाक किया है। राम जन्मभूमि आंदोलन में स्वर्गीय अवैद्यनाथ जी के सान्निध्य में हम एक साथ थे।”
उन्होंने बताया कि 2023 में उनके ऊपर लगे आरोपों के बाद योगी जी से बातचीत बंद हो गई थी। “वो मेरे जीवन का टर्निंग पॉइंट था। मैंने तय किया था कि जब तक वो मुझे नहीं बुलाएंगे, मैं नहीं जाऊंगा। अब उन्होंने बुलाया, तो मैं गया।”

बृजभूषण ने दिनकर जी की कविता का जिक्र करते हुए अपनी मन:स्थिति बयां की – “सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है। सुरमा नहीं विचलित होते, पल एक में धीरज खोते।”
उन्होंने कहा, “2023 में मेरे ऊपर बड़ा आरोप लगा। मैंने उसका डटकर सामना किया। योगी जी से कोई फोन, कोई मुलाकात नहीं हुई। लेकिन अब, जब उन्होंने बुलाया, तो मैं गया।”

बृजभूषण ने साफ किया कि यह मुलाकात पूरी तरह व्यक्तिगत थी। “कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। हमने पुराने रिश्तों को याद किया, गिले-शिकवे साझा किए। यह दो पुराने दोस्तों की पारिवारिक बात थी।”
उन्होंने कहा, “योगी जी मुख्यमंत्री हैं, मेरे शुभचिंतक हैं। उनकी बुलावट पर मैं गया। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।”

क्या इस मुलाकात ने बृजभूषण और योगी के बीच की दूरी को पाट दिया? यह मुलाकात भले ही व्यक्तिगत थी, लेकिन सियासी गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है। क्या यह पुराने रिश्तों की गर्मजोशी की नई शुरुआत है?

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