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यूपी में नहीं हो रहा कोई बदलाव,CM योगी अच्छा काम कर रहे है – बृजभूषण सिंह

गोंडा – बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा योगी यूपी के सीएम है, मेरा एक बेटा सांसद और एक विधायक है, परिस्थिति के कारण मैं सांसद नहीं हूं. उन्होंने कहा कि योगी से मुलाकात कोई अनहोनी नहीं है, एक दूसरे का हालचाल पहले भी होता था. सीएम योगी और उनके गुरु से 56 साल से संबंध हैं और दोनों से अच्छे संबंध हैं. मर्यादा के साथ जो संबंध होने चाहिए वो योगी के साथ हैं.

बीजेपी नेता ने कहा कि मैं ज्योतिष को मानता हूं, जनवरी 2023 में मेरी साढ़े साती लगती है. 29 दिसम्बर 22 को सीएम योगी को 8 जनवरी के लिए बुलाया था, 6 को पता चला नहीं आएंगे तब ही कहा था जब बुलाएंगे तभी मिलूंगा इनसे. इसी दौरान 18 जनवरी को धरना हुआ, उसके बाद किसी राजनीतिक व्यक्ति से मिलने का प्रयास नहीं किया. ये लड़ाई मेरी थी, इसलिए मैं अकेले लड़ने का सोचा.

वहीं उन्होंने कहा कि करण के टिकट के लिए भी किसी से टिकट के लिए नहीं कहा. नाराजगी नहीं कोई, मुंह से निकल गए बुलाएंगे तो जाऊंगा. ये कभी नहीं कहा, बुलाएंगे तो नहीं आएंगे. मैंने किसी से मिलने का प्रयास नहीं किया. संकट काल में किसी को फोन नहीं किया, किसी से मिलने का प्रयास नहीं किया. मेरी मुलाकात पारिवारिक, व्यक्तिगत, कोई राजनीतिक चर्चा नहीं, शपथ पूर्वक कहता हूं कोई राजनीतिक बात नहीं. केवल एक दूसरे का हाल चाल जाना.

पूर्व बीजेपी सांसद ने सीएम योगी से हुई मुलाकात के बाद कहा कि मेरे हिसाब से यूपी में कोई बदलाव हो रहा है, मेरी तस्वीर खींची नहीं गई. मेरे हिसाब से सीएम ने हिदायत दिया था कि जबतक हम लोग बात करें डिस्टर्ब न किया जाए. तस्वीर से प्रमाणित होने की अगर बात है तो मान लीजिये नहीं मिले हैं, प्रतीक की मुलाकात भी संयोग वश है. ये कोई प्रयोग नहीं है. बचपन से ईश्वर में आस्था है और साधु संतों का आशीर्वाद है.

उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोगों से कहूंगा, बांटो मत. इस समय मनु को गाली देने का फैशन है, राहुल गांधी को दिक्कत है और अखिलेश यादव को दिक्कत है. मेरे यहां इस पर कार्यक्रम है, आइए और बताएं क्या दिक्कत है उन्हें. सीएम के साथ कई कार्यक्रम में रहा हूँ, वापस से एक मंच पर दिखेंगे, साढ़े साती में नहीं दिखे साथ. योगी शुरू से सीखे सिखाए थे, जो मुझसे जुड़े लोग हैं वो सीएम से भी जुड़े हैं.

वहीं उन्होंने कहा कि सीएम योगी के कई कार्यक्रम में रहा, 2027 में पार्टी जो निर्णय लेगी वो होगा. 20 विधानसभा में कम से कम 500 वोट तो हैं ही मेरे, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वो करूंगा. आरोप लगने के बाद समाज, पार्टी, कार्यकता और नेता हमारे साथ था, क्योंकि सब जान गए थे ये षड्यंत्र है. हम किसी से मिलते तो लोग क्या कहते ये सब जानते हैं. आरोप के समय और तन के चला भीड़ भाड़ में और तन के चला. आरोप लगाने वाले वर्ड चैंपियन थे, इसलिए सबकी निगाह थी तो और तन के चले क्यों कि हम सही जानते थे.

वहीं पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पर कहा कि फैशन चला है, उनका नाम स्वामी प्रसाद है. उनके मां-बाप ने किसी संत का आशीर्वाद के रूप में नाम रखा, आज वो गाली दे रहे हैं, ये समय का फेर है. राजनीति में सनातन के नाम पर गाली देना उचित नहीं, पूरे समाज को गाली देना फैशन हो गया है. यही कारण है कांग्रेस सत्ता से दूर हो रही है, हिन्दू समाज को गाली देकर कोई राज नहीं कर सकता है. जातियों और महापुरुष को गाली देना बंद करना होगा. आखिर राम मंदिर में ताला किसने खोला, शिलान्यास किसने किया. उनके आस-पास लोग वामपंथी आ गए हैं, इसलिए कांग्रेस का हाल बुरा है.

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