गाजियाबाद के कविनगर इलाके में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने न केवल स्थानीय प्रशासन को, बल्कि पूरे देश को हैरान कर दिया। एक शख्स, हर्षवर्धन जैन, ने अपने किराए के आलीशान बंगले को फर्जी दूतावास में तब्दील कर लिया था। वह खुद को काल्पनिक देशों जैसे वेस्ट आर्कटिका, सेबोर्गा, पॉल्विया और लोडोनिया का राजदूत बताकर लोगों को ठग रहा था। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया। अब इस मामले में STF ने कड़ा कदम उठाते हुए इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है।
22 जुलाई, 2025 की रात को STF ने कविनगर के KB-35 बंगले पर छापेमारी की। इस छापे में हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया गया, जो खुद को फर्जी दूतावास का “कॉन्सुल एम्बेसडर” बताता था। जांच में पता चला कि वह लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था और हवाला के जरिए अवैध रूप से पैसे का लेन-देन करता था। STF ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करवाया है, जो उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी आरोपी के खिलाफ हुआ है।
जांच में STF को हर्षवर्धन के 20 से ज्यादा बैंक खातों का पता चला है, जिनमें से छह दुबई में, तीन यूके में, और एक-एक भारत और मॉरीशस में हैं। इसके अलावा, एक दर्जन से ज्यादा संदिग्ध खाते भी पकड़े गए हैं, जिनके फर्जी नामों से खोले जाने का शक है। STF को संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। हर्षवर्धन ने यूके, दुबई, मॉरीशस और अफ्रीकी देशों में कई शेल कंपनियां बनाई थीं, जिनमें ईस्ट इंडिया कंपनी यूके लिमिटेड, स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन, और इंदिरा ओवरसीज लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।

