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बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए – योगी आदित्यनाथ

लखनऊ- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ की स्थिति, आगामी पर्व एवं त्योहारों के दृष्टिगत कानून व्यवस्था की समीक्षा की। इस अवसर पर जनपदों के प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों समेत जनपदों के डीएम और एसपी वीडियो क्रांफ्रेंस से जुड़े थे।

  मुख्यमंत्री ने बैठक में बाढ़ प्रभावित इलाकों के अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने कई जिलों के अधिकारियों से सीधा संवाद कर स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि बाढ़ शरणालय में महिला सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाए। वहीं बच्चों के लिए दूध उपलब्ध कराने और रेस्क्यू कार्य में छोटी-मझली नाव का प्रयोग न करने के सख्त निर्देश दिये। सीएम ने सभी अधिकारियों को पीड़ित लोगों को राहत सामग्री और खाद्य सामग्री वितरित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों मं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। इन सभी जिलों में कंट्रोल रूम 24*7 काम करें, यह सुनिश्चित किया जाए। यह कंट्रोल रूम राहत आयुक्त कार्यालय को हर सूचना प्रॉपर उपलब्ध कराएं। सीएम ने राहत आयुक्त कार्यालय को बाढ़ संबंध रिपोर्ट रोजाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसे सुनिश्चित किया जाए। सभी को समय से राहत सामग्री, खाद्य सामग्री का वितरण किया जाए। इनकी क्वालिटी और क्वांटिटी को रेंडम चेक किया जाए। वहीं बाढ़ शरणालय में रहने वाले लोगों को पौष्टिक और गर्म खाना उपलब्ध कराया जाए। बाढ़ शरणालयोें महिलाओं के ठहरने के लिए उचित व्यवस्था के साथ उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। उनके साथ रहने वाले बच्चों के लिए दूध की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इन इलाकों में डॉक्टर्स की टीम द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, जहां सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद आवश्यकतानुसार दवा का वितरण किया जाए। सीएम ने अधिकारियों काे सख्त निर्देश दिये कि कोई भी व्यक्ति जर्जर भवन में न रहे, उसे बिना देर किये बाढ़ शरणालय में शिफ्ट किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित जिन इलाकों में कटान की समस्या सामने आ रही है, उन पर विशेष निगरानी की जाए ताकि समय रहते लोगों को राहत दी जा सके। वहीं बाढ़ के पानी की चपेट में क्षति ग्रस्त मकानाें का तत्काल सर्वे किया जाए। इससे प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास व जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिन चीजों की आवश्यकता हो, उसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को तत्काल बताया जाए ताकि उन चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। सीएम ने सभी बाढ़ प्रभावित जनपदों में रेस्क्यू के लिए बड़ी नाव का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने सख्त निर्देश दिये कि रेस्क्यू और राहत कार्यों के लिए छोटी और मझोली नावों को इस्तेमाल न किया जाए।

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