लखनऊ- उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद अतिसंवेदनशील और संवेदनशील जिलों के अधिकारी पूरी मुस्तैदी से जुट गए हैं। सीएम योगी के आदेश पर अधिकारी बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ राहत कार्यों को गति दी जा रही है।
राहत कार्यों के लिए प्रदेश के 57 जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 14 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 15 टीमें और प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 48 टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में दिन-रात जुटी हुई हैं।
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 21 जिलों की 48 तहसीलें बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें 1,72,255 लोग प्रभावित हुए हैं। इन सभी को राहत सामग्री और सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा, 20,336 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। 356 बाढ़ प्रभावितों को आवास सहायता प्रदान की गई है। राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 1,196 नावों और मोटरबोट्स का उपयोग किया जा रहा है, जबकि 4,867 नावों को प्रीपोजिशंड किया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 1,20,000 खाद्यान्न पैकेट और 1,63,548 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 39 से अधिक लंगरों के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न केवल लोगों, बल्कि मवेशियों की सुरक्षा और उनके भोजन का भी पूरा ध्यान रखा है। अब तक 3,560 क्विंटल भूसा मवेशियों के लिए वितरित किया गया है। जलजनित बीमारियों को रोकने के लिए 1,72,190 क्लोरीन टैबलेट और 1,29,342 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
प्रदेश में 959 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में संचालित हैं। इन शरणालयों में 18,772 लोग अस्थायी रूप से रह रहे हैं। इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण 846 मेडिकल टीमों द्वारा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है, ताकि इस आपदा से प्रभावित लोगों को त्वरित और प्रभावी सहायता मिल सके।

