बिहार एसआईआर मामले को लेकर विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर संविधान विरोधी रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है, लेकिन विपक्ष इसे बहाना बनाकर झूठ फैलाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहा है। भाजपा नेता ने विपक्ष से संसद में मुद्दे उठाने की अपील भी की।
विपक्ष द्वारा संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालना—जिन्हें “वोट चोरी” और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप का विरोध बताया गया—बीजेपी ने इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने इसे “अराजकता फैलाने की जानबूझकर की योजना” करार दिया।
BJP नेता भूपेंद्र यादव ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों को “तैयार किए गए झूठ” करार दिया। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने को अनुचित बताया और कहा कि लोकतंत्र की परिभाषा को जानबूझकर धमकाया जा रहा है।
कांग्रेस की प्रमुख प्रियंका गांधी ने भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “मोदी सरकार कायर है” और जोर देकर कहा कि “वोट चोरी नहीं चलेगी।” उनका यह बयान विरोध और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की भावना को दर्शाता है।

