लखनऊ – ‘कुटुंब परिवार’ की बैठकों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है, लेकिन बीजेपी हाईकमान की नजर पड़ते ही ठाकुर विधायकों ने इससे दूरी बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार को मंत्री जयवीर सिंह द्वारा होटल गोमती में आयोजित कार्यक्रम में कई ठाकुर विधायकों की गैरमौजूदगी इसका संकेत है। इस बैठक से पहले लखनऊ के एक होटल मै भी एक बैठक की गयी थी, सूत्रों के अनुसार, बीजेपी संगठन ने इन बैठकों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें गुटबाजी और सियासी रणनीति की आशंकाएं जताई गई हैं। यह रिपोर्ट जल्द हाईकमान को भेजी जा सकती है।
माना जा रहा है कि मीडिया की सुर्खियों और हाईकमान की सतर्कता के कारण विधायक अब ‘कुटुंब परिवार’ से खुले तौर पर जुड़ने से हिचक रहे हैं। यह स्थिति यूपी बीजेपी में आंतरिक एकता और अनुशासन को प्रभावित कर सकती है, खासकर 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद। जानकारों का मानना है कि यह दूरी भविष्य में गुटबाजी की तस्वीर को बदल सकती है, और ठाकुर विधायकों की एकजुटता की कोशिशें कमजोर पड़ सकती हैं।

