लोकसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुजरात मॉडल को लेकर बीजेपी पर सीधा हमला बोला। राहुल ने कहा कि, “गुजरात का मॉडल असल में वोट चोरी का मॉडल है।”
वहीं डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी चुनावी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। स्टालिन का आरोप है कि स्पेशल सॉफ्टवेयर (SIR) के ज़रिए मतदाता सूची से करीब 65 लाख नाम काटे गए हैं, और इसे उन्होंने लोकतंत्र पर ‘आतंक’ जैसा हमला बताया।
राहुल गांधी ने बीजेपी पर लगातार मतदाताओं की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया।
स्टालिन ने चुनाव आयोग से तत्काल दखल की मांग करते हुए कहा कि इतना बड़ा पैमाने पर नाम काटना मतदाताओं के अधिकार छीनने जैसा है।
दोनों नेताओं ने इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाने का संकेत दिया।
इन बढ़ते आरोपों के बीच चुनाव आयोग की भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव तभी संभव हैं जब मतदाता सूची पारदर्शी हो।

