पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने हाल ही में अपने बयान में भारत पर बाढ़ और नदियों के पानी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत द्वारा छोड़ा गया पानी पाकिस्तान में भारी बाढ़ का कारण बना है, जिसके कारण नदी के जल प्रवाह में शव, मवेशी और मलबा बह कर आ रहे हैं। इस स्थिति ने पाकिस्तानी लोगों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि स्थानीय लोगों ने सीमा पार से लाशें बहकर आने की बात कही है, जो सियालकोट जैसे इलाकों में आम है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पाकिस्तान को पहले से सूचना देकर पानी छोड़ा, लेकिन इसके बावजूद सीमा क्षेत्र में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है।
उन्होंने पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति के लिए सरकार की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया और बताया कि भ्रष्टाचार की वजह से बाढ़ राहत के लिए आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ। इसलिए बाढ़ का प्रभाव इतना विनाशकारी हुआ है।
इस बयान के बावजूद पाकिस्तान में सरकार की बुनियादी ढांचा और तैयारियों की कमी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कई आलोचक ख्वाजा आसिफ की बातों को भारत पर हावी होने की कोशिश और ध्यान भटकाने के तौर पर देख रहे हैं।
भारत सरकार ने इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जल संसाधनों को लेकर दोनों देशों में तनाव जारी रहेगा। ख्वाजा आसिफ के बयान ने भारत-पाकिस्तान रिश्तों में एक नई चिन्ता का विषय खड़ा कर दिया है।

