Posted By : Admin

बिहार में SIR के बाद नया वोटर आईडी: विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद बिहार के सभी मतदाताओं को नया वोटर पहचान पत्र जारी करने का फैसला किया है। यह कदम मतदाता सूची को शुद्ध करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आइए, इस फैसले के बारे में विस्तार से जानते हैं।”

चुनाव आयोग ने बिहार में 25 जून से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लगभग पूरा कर लिया है। इस प्रक्रिया के तहत 7.24 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची 1 अगस्त को जारी की गई थी। अब, आयोग ने घोषणा की है कि इस अभियान के बाद बिहार के हर पात्र मतदाता को नया वोटर आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। यह फैसला नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, SIR प्रक्रिया के दौरान 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिनमें 22 लाख मृत मतदाताओं, 36 लाख स्थानांतरित मतदाताओं, और 7 लाख डुप्लिकेट नाम शामिल हैं। इस प्रक्रिया में 99% मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा किए, और करीब 30,000 लोगों ने ड्राफ्ट सूची में नाम न होने की शिकायत दर्ज की। अब, नए वोटर आईडी कार्ड्स में मतदाताओं की नवीनतम तस्वीरें और अपडेटेड जानकारी शामिल होगी।यह कदम मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए उठाया गया है। नए वोटर आईडी कार्ड्स से न केवल मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भी तय होगा कि केवल पात्र भारतीय नागरिक ही मतदान करें। हमने 1 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय दिया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।

हालांकि, इस SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने तीखी आलोचना की है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार देते हुए दावा किया कि इससे गरीब, दलित, और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं को वंचित किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए आयोग को आधार और वोटर आईडी को वैध दस्तावेज के रूप में मानने पर विचार करने को कहा है, लेकिन प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

Share This