चीन ने सितंबर 2025 में अपनी नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) DF-5C का सार्वजनिक प्रदर्शन किया है, जिसे अब तक की सबसे शक्तिशाली परमाणु मिसाइल माना जा रहा है। यह मिसाइल 20,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज वाली है, जिसका मतलब है कि यह पूरी दुनिया में किसी भी टारगेट को निशाना बना सकती है।
DF-5C मिसाइल में एक साथ 10 स्वतंत्र रूप से लक्षित किए जा सकने वाले वारहेड (MIRVs) हो सकते हैं, जिनमें से प्रत्येक की शक्ति परमाणु बम से लगभग 200 गुना ज्यादा है। इस मिसाइल में उन्नत तकनीकें हैं जो अमेरिकी और नाटो के मिसाइल रक्षा तंत्र को चकमा देने में सक्षम हैं।
मिसाइल की लंबाई लगभग 32.6 मीटर और व्यास 3.35 मीटर है। यह दो चरणों वाली लिक्विड-फ्यूल वाली मिसाइल है, जो जमीन में बने गढ़े हुए सिलो से लॉन्च की जाती है। इसकी तेज उड़ान गति और उच्च सटीकता इसे वैश्विक परमाणु क्षति के लिहाज से बेहद खतरनाक बनाती है।
चीन की इस मिसाइल के प्रदर्शन को रणनीतिक तौर पर अमेरिका, रूस, भारत सहित विश्व के कई देशों के लिए खतरे के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मिसाइल चीन की परमाणु प्रतिवाद क्षमता को और मजबूत करती है और ग्लोबल पावर बैलेंस में महत्तवपूर्ण बदलाव ला सकती है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस मिसाइल को “चीन के विश्व स्तरीय परमाणु डिटेरेंट की सबसे बड़ी उपलब्धि” बताया है, जो देश की रक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए अहम कदम है।

