नेपाल में बढ़ती हिंसा और अराजकता के बीच राजस्थान के सैकड़ों श्रद्धालु काठमांडू और आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। हालात खराब होने और संपर्क टूटने से उनके परिजन चिंतित हैं। राजस्थान पुलिस ने तत्काल मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि फंसे यात्रियों और उनके परिवारों के बीच संपर्क कायम रखा जा सके।
8 सितंबर 2025 से नेपाल में शुरू हुए हिंसक आंदोलन ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है, जिसके कारण हजारों भारतीय पर्यटक फंसे हैं। इनमें से लगभग चार हजार राजस्थान के श्रद्धालु हैं, जिनमें 700 से अधिक जयपुर के और 35 उदयपुर के पर्यटक शामिल हैं। ये सभी धार्मिक और पर्यटन संबंधी कार्यों से नेपाल गए थे।
उदयपुर के पूर्व पार्षद अनिल सिंघल ने बताया कि वे अपने परिवार सहित पोखरा में एक होटल में सुरक्षित हैं। हालांकि, आसपास के क्षेत्र में हिंसा और आगजनी की घटनाओं से तनाव बना हुआ है। स्थानीय भारतीय दूतावास से निरंतर संपर्क में रहकर वे सुरक्षात्मक निर्देश पा रहे हैं।
राजस्थान पुलिस के अनुसार सभी फंसे हुए श्रद्धालु फिलहाल सुरक्षित हैं और स्थिति बेहतर होने पर भारत वापसी के लिए निकासी अभियान शुरू किया जाएगा। पुलिस ने काठमांडू में फंसे जयपुर और भीलवाड़ा के पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिससे उनसे संपर्क कर बेहतर सहायता दी जा सके।
नेपाल में जारी हिंसा ने स्थानीय प्रशासन को भी प्रभावित किया है। काठमांडू और आसपास के इलाकों की उड़ान सेवाएं बंद हो गई हैं, जिससे फंसे लोगों का सुरक्षित बाहर आना एक चुनौती बन गई है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस मामले में गहरी चिंता जताई है और जनता से अनुरोध किया है कि वे अपने परिजनों से लगातार संपर्क बनाकर रखें। उन्होंने भारतीय दूतावास और राजस्थान पुलिस की सहायता को देखते हुए आश्वासन दिया है कि सभी यात्रियों को जल्द सुरक्षित भारत लौटाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, निर्दलीय विधायक ऋतु बनावट भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-चीन सीमा पर फंसी हुई हैं। वह भी सरकार के संपर्क में हैं और सुरक्षित घर वापसी की प्रतीक्षा कर रही हैं।
राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से फंसे हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल्द राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

