अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाली अपनी दल (सोनेलाल) पार्टी की आर्थिक स्थिति में वर्ष 2025 में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। यह खुलासा राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन एडीआर की ताजा रिपोर्ट में हुआ है, जिसमें पार्टी की आय में पिछले वर्षों के मुकाबले करीब 408 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की सबसे बड़ी आय का स्रोत डोनेशन (दान) रहा है, जिसमें उद्योगपतियों, व्यापारियों और समर्थकों द्वारा दी गई राशि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अकेले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अपना दल (S) को डोनेशन के जरिए करोड़ों रुपये मिले, जो पार्टी को मजबूत बनाने में मददगार साबित हुए।
आय में इतनी बढ़ोतरी का मुख्य कारण योगी सरकार के साथ गठबंधन और राजनीतिक प्रभाव में वृद्धि को माना जा रहा है, जिससे पार्टी के लिए फंड जुटाना आसान हो गया है। इस बढ़ती आर्थिक स्थिति के असर के तहत पार्टी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में और प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
इसके अलावा, पार्टी ने आईटीआर दाखिल में भी अपनी पारदर्शिता बढ़ाई है, और खुलेआम अपनी आमदनी के स्रोतों को साझा किया है। इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता के बीच विश्वास बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आगामी चुनावों में यह फंड पार्टी को व्यापक प्रचार अभियान चलाने में सक्षम बनाएगा।
अपना दल (S) की यह वृद्धि राजनीतिक समीक्षकों के लिए भी एक संकेत है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सहयोगी के रूप में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और ओबीसी, दलित और अन्य वर्गों में अपनी स्वीकार्यता बढ़ा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, डोनेशन में वृद्धि से यह स्पष्ट होता है कि व्यापारिक संगठन और उद्योगपति पार्टी के प्रति अपनी उम्मीदें बढ़ा रहे हैं। इसी के साथ पार्टी को चुनावी मैदान में और ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक ताकत मिलने की संभावना है।

