समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने वाराणसी दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने वोटों की डकैती कराकर उनके बेटे को चुनाव हारवाया। सांसद ने कहा कि फैजाबाद के मिल्कीपुर क्षेत्र में जनता ने वर्षों तक उन्हें विधायक के रूप में चुना, लेकिन हालिया उपचुनाव में बीजेपी ने राजनीतिक दबाव और गड़बड़ी के जरिए परिणाम प्रभावित किया है।
अवधेश प्रसाद के मुताबिक, जब उन्होंने सांसद का पद संभाला तो उनके बेटे अजीत प्रसाद को मिल्कीपुर से पार्टी ने टिकट दिया था। हालांकि, इस चुनाव में भाजपा समर्थित अधिकारियों और गुंडों के द्वारा वोट बैंक की डकैती की गई, जिससे उनके बेटे की हार हुई। उन्होंने कहा, “वोट चोरी नहीं बल्कि डकैती कर मेरे बेटे को हरवाया गया। यहां अल्पसंख्यक वोटरों को मतदान से रोका गया और सपा कार्यकर्ताओं को बूथ से भगाया गया।”
सांसद ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों पर भाजपा के दबाव की बात कही। उन्होंने दावा किया कि कई मतदान केंद्रों पर भाजपा के गुंडे बने हुए थे और उनके लिए अनुचित वोटिंग सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग को इस तरह की अनियमितताओं की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
अवधेश प्रसाद ने यह भी कहा कि चुनावी सुधार की आवश्यकता है और सभी दलों को मिलकर चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ और निष्पक्ष बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने भाजपा की सरकार पर संसदीय क्षेत्र में लोकतंत्र की लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि वे आगामी चुनावों में फिर से जनता का समर्थन हासिल करेंगे।
यह मामला राजनीतिक विवादों के बीच उभरकर आया है, जहां मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा ने हार का सामना किया था। इस क्षेत्र का चुनावी समीकरण पिछले वर्षों में भाजपा और सपा के बीच कड़ा रहा है। अवधेश प्रसाद के आरोपों ने चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर नया सवाल उठाया है, जो आगामी राजनीतिक बहस का विषय बना रहेगा।

