क्या आपने कभी सोचा है कि कोई देश अपनी ही जनता पर हवाई हमला करे और दर्जनों मासूमों को मौत के घाट उतार दे? आतंकवाद की फसल बोने वाला पाकिस्तान अब खुद उसी आग में जल रहा है। खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी वायुसेना ने जो किया, उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है।
रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे, पाकिस्तान ने तिराह घाटी के मत्रे दारा गांव पर JF-17 लड़ाकू विमानों से कम से कम 8 एलएस-6 बम गिराए। निशाने पर थे गांव के घर—नतीजा यह हुआ कि 30 नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, मौत के शिकार हो गए। करीब 20 लोग घायल हैं और संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
मत्रे दारा गांव बना कब्रगाह
हमले के बाद गांव में सिर्फ मलबा और लाशें बचीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में मासूम बच्चों के शव बिखरे पड़े हैं। बचाव दल लगातार मलबे से लाशें निकाल रहे हैं। पाकिस्तान सेना की चुप्पी इस पूरे नरसंहार को और संदिग्ध बना रही है।
सेना की चुप्पी और झूठी दलीलें
पाकिस्तानी सेना या सरकार ने अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। वहीं, सेना समर्थक कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स इसे “IED विस्फोट” का नतीजा बता रहे हैं। लेकिन 8 बमों के निशान, जले हुए घर और दर्जनों शव इस दावे को झूठा साबित कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना
मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान लगातार संघर्ष के कानूनों का उल्लंघन कर रहा है और नागरिकों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहा है।
क्यों बढ़ रही है बगावत?
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से पाकिस्तान की नीतियों की बलि चढ़ रहा है। जनवरी से अगस्त 2025 के बीच इस क्षेत्र में 600 से ज्यादा आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें दर्जनों नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए। अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि पाकिस्तान अपने ही नागरिकों को “आतंकी ठिकानों” के नाम पर निशाना बनाने लगा है।
भारत से जुड़ा कनेक्शन
गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और पीओके में आतंकियों के ठिकाने तबाह किए थे। सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन अब खैबर पख्तूनख्वा में नए अड्डे बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान इस इलाके को “हवाई हमलों” के बहाने से खौफजदा करने की कोशिश कर रहा है।

