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एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष व पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह का निधन, राजघाट पर होगा अंतिम संस्कार l

गोरखपुर से खबर है कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (प्रो. यूपी सिंह) का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे और कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से शिक्षा जगत और गोरक्षपीठ परिवार में शोक की लहर है। प्रो. सिंह का अंतिम संस्कार 28 सितंबर रविवार को पावन राप्ती नदी के राजघाट पर दोपहर 12 बजे संपन्न होगा। इस मौके पर गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई देंगे.

मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह उन विरले शिक्षाविदों में रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के तीन पीठाधीश्वरों के समय काम करने का अवसर मिला। गणित विषय के विद्वान प्रो. सिंह ने अपने अध्यापन कार्य की शुरुआत महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज से की थी, जहां उनकी नियुक्ति तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ ने की थी। बाद में जब महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद ने अपने संस्थानों को गोरखनाथ विश्वविद्यालय को दान दिया, तब उन्होंने विश्वविद्यालय में पढ़ाना जारी रखा और बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति भी बने.

शिक्षा परिषद के लिए वे 2018 से अध्यक्ष पद पर बने हुए थे और अपने अंतिम दिनों तक परिषद के कामों में सक्रिय रहे। 2021 में बने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति का पद भी उन्होंने संभाला। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार से संवेदनाएं जताईं.

प्रो. यूपी सिंह को विद्वत्ता, कर्मठता और सांगठनिक कौशल के लिए याद किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती में उनके योगदान को भी सराहा जाता है। उन्होंने शिक्षा जगत को समर्पित जीवन जीते हुए गोरक्षपीठ तथा शिक्षा परिषद के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दो पुत्र भी शिक्षाविद हैं, जिनमें से एक दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रह चुके हैं.

प्रो. सिंह का अंतिम संस्कार 28 सितंबर को राप्ती नदी के राजघाट पर होगा। इस मौके पर गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। उनके निधन से गोरक्षपीठ और शिक्षा जगत एक महान शिक्षाविद से वंचित हो गया है। उनके अनुयायियों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.

प्रो. यूपी सिंह का जीवन शिक्षा और गोरखपुर की सेवा को समर्पित था, और उनका मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा। उनका निधन एक युग का अंत है, लेकिन उनकी शिक्षाएं सदैव जीवंत रहेंगी.एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे और शिक्षा क्षेत्र में गोरक्षण की सेवा के लिए याद किए जाते हैं। प्रो. सिंह मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी थे और उन्हें यह विशिष्ट सम्मान भी मिला कि वे गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के समय सेवा करने वाले विरले शख्स थे। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर विश्वविद्यालय, और पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शिक्षा और संगठकीय दायित्वों के कर्तव्य निभाए। उनका अंतिम संस्कार रविवार 28 सितंबर को राप्ती नदी के राजघाट, गोरखपुर में दोपहर 12 बजे होगा। इस अंतिम संस्कार में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। प्रो. यूपी सिंह ने अपने जीवन को शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित किया और उनका निधन शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है.

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