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मतदाताओं की सुविधा के लिए बीजेपी का सुझाव—दो चरणों में हो बिहार चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज़ हो गई है। चुनाव आयोग ने पटना के एक होटल में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाकर अहम बैठक की। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव आयोग से खास मांग रखी कि इस बार विधानसभा चुनाव केवल दो चरणों में कराए जाएं।

बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इसमें बीजेपी, जेडीयू, कांग्रेस, आरजेडी और बीएसपी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बैठक में कहा कि अधिक चरणों में मतदान से मतदाताओं को परेशानी होती है और उम्मीदवारों का खर्च भी बढ़ जाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि मतदान की घोषणा के 28 दिन बाद चुनाव कराए जाएं ताकि तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

बीजेपी ने यह भी सुझाव दिया कि अति पिछड़े समाज वाले गांवों में सुरक्षा के मद्देनज़र पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वोटर पर्ची समय पर मतदाताओं तक पहुंच सके।

बैठक में कांग्रेस से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और शकील अहमद खान, जेडीयू से कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, आरजेडी से सांसद अभय कुशवाहा और चितरंजन गगन तथा बीएसपी से शंकर महतो शामिल हुए।

पिछले चुनावों पर नज़र डालें तो 2020 में बिहार में तीन चरणों में वोटिंग हुई थी, जबकि 2015 के चुनाव पांच चरणों में संपन्न हुए थे। माना जा रहा है कि इस बार भी तीन या पांच चरणों में चुनाव हो सकते हैं, लेकिन बीजेपी ने दो चरणों की मांग रखकर चर्चा का नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।

अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग पर हैं, जो संभवतः अगले हफ्ते बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।

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