उत्तर प्रदेश के मथुरा में प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून हाथ में लेने वालों और गौतस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार तड़के करीब 4 बजे की है, जब फरसा वाले बाबा को क्षेत्र में गौतस्करों की गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपनी मोटरसाइकिल से संदिग्धों का पीछा करने निकले। आरोप है कि नवीपुर गांव के पास तस्करों ने उन्हें रोकने के बजाय वाहन से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, पुलिस इस मामले को दुर्घटना के एंगल से भी जांच रही है, लेकिन बाबा के समर्थकों का दावा है कि यह एक सुनियोजित हत्या है।
घटना के बाद छाता क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। आक्रोशित समर्थकों और गौरक्षकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे को घंटों जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए छह टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर अपने कब्जे में ले लिए हैं और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाना है। वहीं, इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

