पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज करते हुए आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विधायकों से लेकर स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं तक सभी को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने इस लड़ाई को मिशन मोड में लड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
सभा को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने पार्टी की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी संघर्ष से पैदा हुई है, न कि सत्ता का आनंद लेने के लिए। उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने दिल्ली में सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली-पानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। उन्होंने कहा कि सरकार की शक्तियां कम किए जाने के बावजूद काम रुकने नहीं दिया गया, बल्कि जनता के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की गईं।
नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री हो रही है, तो स्थानीय प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने विधायकों और ब्लॉक इंचार्जों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखनी होगी और नियमित रूप से फीडबैक लेना होगा। 24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में बैठकों के जरिए हर गांव की स्थिति का आकलन किया जाएगा और यह तय किया जाएगा कि वह क्षेत्र नशा मुक्त है या नहीं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब सरकार, पुलिस और आम जनता मिलकर इस लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं और किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। भगवंत सिंह मान सरकार की नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
आगे की रणनीति पर बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने बताया कि 31 मार्च के बाद वह खुद विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर प्रगति की समीक्षा करेंगे। हर क्षेत्र से यह रिपोर्ट ली जाएगी कि कितने गांव नशा मुक्त हुए हैं और आगे की कार्ययोजना क्या है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लंबी जरूर है, लेकिन अगर सभी मिलकर प्रयास करें तो पंजाब को नशा मुक्त बनाना संभव है।
इस दौरान उन्होंने लोगों से भावनात्मक अपील भी की कि यह संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम अपने बच्चों को नशे से सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं, और इसका जवाब यही है कि सभी मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं।

